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स्थान संसद भवन, तिथि 13 मई 1952, समय 10 बजकर 45 मिनट, 60 वर्ष पहले इस दिन पहली लोकसभा के पहले सत्र की पहली बैठक की शुरुआत दो मिनट मौन रखने के बाद अध्यक्ष के रूप में जीवी मावलंकर की नियुक्ति के राष्ट्रपति के आदेश के साथ हुई थी।
लोकसभा के पहले सत्र की पहली बैठक का पहला दिन होने के कारण कोई प्रश्न प्रकाशित नहीं हुआ था। इसके बाद लोकसभा के सचिव ने कहा था कि अब वे राष्ट्रपति के आदेश को पढेंगे।
सचिव ने राष्ट्रपति का आदेश पढ़ा, ‘‘लोकसभा में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों का पद रिक्त है.. संविधान के अनुच्छेद 95 के उपबंध। प्राप्त अधिकार के तहत मैं राजेन्द्र प्रसाद, भारत का राष्ट्रपति, श्री गणेश वासुदेव मावलंकर को पहली बैठक में अध्यक्ष का कार्य पूरा करने के लिए नियुक्त करता हूं।’’ इसके बाद मावलंकर ने कहा कि जिन लोगों को सदन के सदस्य के रूप में शपथ लेना है, उनका नाम लोकसभा के सचिव एक-एक कर लेंगे। जो सदस्य पहली बार नाम लिए जाने पर शपथ नहीं लेने आएंगे, उन्हें अंत में बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सचिव सभी सदस्यों के नाम का उच्चारण यथासंभव सही-सही करने की कोशिश करेंगे और अगर इसमें कोई गलती होती है तब सदस्य इसे माफ करेंगे।
सदस्यों को सदस्यता एवं गोपनीयता की शपथ की प्रति हिन्दी या अंग्रेजी में दी जाएगी। इसे पढ़ने और सदस्य रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने के बाद अपने स्थान पर लौट जाएंगे।
13 मई 1952 को लोकसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेने वाले पहले सदस्य इलाहाबाद पूर्व सह जौनपुर पश्चिम के सांसद पंडित जवाहरलाल नेहरू थे।
नेहरू के बाद तिरूपति से सांसद एमए अय्यंगर ने दूसरे सदस्य के रूप में लोकसभा की शपथ ली थी। प्रोफेसर निबारनचंद्र लश्कर ने चाचर लुशाई आरक्षित सीट से तीसरे सदस्य और बी. खांगमेन ने स्वायत्त जिला आरक्षित सीट के प्रतिनिधि के रूप में चौथे सदस्य के रूप में शपथ ली। ग्वालपारो सीट से सांसद सीताराम ब्रह्म ने पांचवें सदस्य और बारपेटा के सांसद बेलीराम दास ने छठे सदस्य के रूप में शपथ ली। रोहिणी कुमार चौधरी ने गुवाहाटी के प्रतिनिधि के तौर पर सातवें सदस्य और दारंग सीट से सांसद कामाख्या प्रसाद त्रिपाठी ने आठवें सदस्य के रूप में लोकसभा की शपथ ली।
पहले दिन शपथ लेने वाले सदस्यों में पाटलीपुत्र से एस. सिन्हा, पटना पूर्व से तारकेश्वरी सिन्हा, गया पश्चिम से सत्येन्द्र नारायण सिन्हा, साहाबाद दक्षिण से राम सुहाग सिंह, शाहाबाद दक्षिण से बाबू जगजीवन राम, सारण दक्षिण से पंडित द्वारकानाथ तिवारी, मुजफ्फरपुर उत्तर-पूर्व से दिग्विजय नारायण सिंह, पूर्णिया से भागवत झा आजाद, साबरकाठा से गुलजारीलाल नंदा, कायरा दक्षिण से मणिबेन बल्लभ भाई पटेल आदि प्रमुख थे।
सदस्यों के शपथ लेने की प्रक्रिया पहले लोकसभा के पहले सत्र की बैठक के दूसरे दिन 15 मई 1952 को भी चली।
(भाषा)
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